भारत में 95.9% एनीमे स्मार्टफोन पर देखे जाते हैं, 74% दर्शकों की पहली पसंद बना नेटफ्लिक्स: हकुहोडो की रिपोर्ट
भारत में एनीमे का जादू लगातार सिर चढ़कर बोल रहा है। कभी सिर्फ़ चुनिंदा दर्शकों तक सीमित रहने वाला एनीमे अब हर उम्र के लोगों की पसंद बनता जा रहा है। इस बढ़ती लोकप्रियता के बीच जापानी विज्ञापन और मार्केट रिसर्च कंपनी हकुहोडो की नई रिपोर्ट ने भारतीय एनीमे दर्शकों की देखने की आदतों पर कई दिलचस्प जानकारियाँ सामने रखी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 95.9 प्रतिशत एनीमे की दर्शक संख्या स्मार्टफोन के ज़रिए आती है। यानी अधिकांश लोग अपने मोबाइल फ़ोन पर ही अपने पसंदीदा एनीमे का आनंद लेते हैं। यह आँकड़ा बताता है कि भारत में मोबाइल इंटरनेट और किफ़ायती डेटा ने एनीमे की पहुँच को घर-घर तक पहुँचा दिया है।
नेटफ्लिक्स सबसे आगे
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 74 प्रतिशत भारतीय एनीमे दर्शक नेटफ्लिक्स का इस्तेमाल करते हैं। इससे साफ़ पता चलता है कि नेटफ्लिक्स भारतीय एनीमे प्रेमियों के बीच सबसे लोकप्रिय स्ट्रीमिंग मंच बन चुका है।
हालाँकि, इसके अलावा क्रंचीरोल, अमेज़न प्राइम वीडियो, जियो हॉटस्टार और अन्य डिजिटल मंच भी अपनी मौजूदगी लगातार मज़बूत कर रहे हैं। अलग-अलग भाषाओं में डबिंग और सबटाइटल की सुविधा मिलने से इन मंचों की लोकप्रियता भी बढ़ रही है।
मोबाइल क्यों बना पहली पसंद?
भारत में स्मार्टफोन पर एनीमे देखने के पीछे कई वजहें हैं—
– किफ़ायती इंटरनेट डेटा।
– लगभग हर वर्ग के पास स्मार्टफोन की उपलब्धता।
– कहीं भी और कभी भी देखने की सुविधा।
– डाउनलोड करके ऑफ़लाइन देखने का विकल्प।
– हिंदी, तमिल और तेलुगु जैसी भारतीय भाषाओं में डबिंग का बढ़ना।
यही कारण है कि मोबाइल अब एनीमे देखने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।
युवा दर्शकों का बढ़ता उत्साह
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एनीमे देखने वालों में बड़ी संख्या युवाओं की है। स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं से लेकर नौकरीपेशा युवा तक एनीमे को अपनी रोज़मर्रा की मनोरंजन सूची में शामिल कर चुके हैं।
“नारुतो”, “वन पीस”, “डेमन स्लेयर”, “जुजुत्सु काइसेन”, “अटैक ऑन टाइटन” और “स्पाई एक्स फैमिली”जैसी श्रृंखलाएँ भारतीय दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं।
भारतीय बाज़ार पर जापानी कंपनियों की नज़र
भारत में बढ़ते एनीमे दर्शकों को देखते हुए जापानी स्टूडियो और स्ट्रीमिंग कंपनियाँ अब भारतीय बाज़ार में पहले से कहीं अधिक निवेश कर रही हैं। हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में डबिंग, स्थानीय प्रचार अभियान और एनीमे कार्यक्रमों का आयोजन इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े एनीमे बाज़ारों में से एक बन सकता है।
बदलती देखने की आदतें
हकुहोडो की रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि भारतीय दर्शकों की मनोरंजन संबंधी आदतें तेज़ी से बदल रही हैं। अब टीवी की जगह मोबाइल स्क्रीन ने ले ली है और दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय अपनी पसंदीदा श्रृंखला देखना पसंद करते हैं।
हकुहोडो की यह रिपोर्ट साफ़ तौर पर दिखाती है कि भारत में एनीमे केवल एक शौक नहीं, बल्कि तेज़ी से बढ़ती सांस्कृतिक लहर बन चुका है। 95.9 प्रतिशत दर्शकों का स्मार्टफोन पर एनीमे देखना और 74 प्रतिशत का नेटफ्लिक्सको चुनना इस बात का प्रमाण है कि मोबाइल-आधारित स्ट्रीमिंग भारत में एनीमे के भविष्य को नई दिशा दे रही है। यदि यही रफ़्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत वैश्विक एनीमे उद्योग के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाज़ारों में अपनी मज़बूत पहचान बना सकता है।
