डोरेमोन की वापसी: आपका बचपन का साथी अब बड़े पर्दे पर!

यादों के उस सुनहरे सफर में आपका एक बार फिर से स्वागत है। याद हैं आपको वो दिन, जब स्कूल से आते ही टीवी का रिमोट हमारे हाथों में होता था? और हमारा स्वागत करता था वो गोल-मटोल, अपनी जेब में ढेरों जादुई गैजेट्स लिए हमारा अपना साथी—डोरेमोन!

आज हवाओं में एक खास खनक है, और खबर भी कुछ ऐसी ही है जो आपके दिल की धड़कनों को एक बार फिर से बचपन की गलियों में ले जाएगी। जी हाँ, 20 सालों तक हमारे घरों के टीवी सेट पर राज करने के बाद, डोरेमोन अब पूरे भारत में सिनेमाघरों के बड़े पर्दे पर आ रहा है।

एक नई रोमांचक दास्तान: ‘न्यू नोबिता एंड द कैसल ऑफ द अंडरसी डेविल’

तैयार हो जाइए एक ऐसे सफर के लिए, जो आपको सीधे समंदर की गहराइयों में ले जाएगा। इस बार हमारी यह टोली—डोरीमोन, नोबिता, शिजुका, जियान और सुनियो—गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए किसी पहाड़ या जंगल में नहीं, बल्कि सीधे समंदर के बीचों-बीच जा रही है।

अपने जादुई ‘अंडरवाटर बग्गी’ और ‘अडैप्टिंग रे’ के सहारे, वे एक ऐसी दुनिया में कदम रखेंगे जहाँ उनका सामना ‘मूफेडरेशन’ के रहस्यमयी लोगों से होगा। उनकी मुलाकात ‘एल’ नाम के एक ‘सी ड्वेलर’ (समुद्री निवासी) से होती है।

लेकिन मामला इतना आसान नहीं है, क्योंकि खतरे की घंटी बज चुकी है! ‘अंडरसी डेविल’ का महल जाग चुका है, और दुनिया को बचाने की जिम्मेदारी अब इस नटखट टोली की दोस्ती और हिम्मत पर टिकी है।

फिल्म से जुड़ी कुछ खास बातें

रिलीज़ की तारीख: 2 अक्टूबर 2026

किन भाषाओं में: हिंदी, तमिल और तेलुगु

कौन ला रहा है: टीवी असाही और पीवीआर आईनॉक्स

क्यों है खास: यह डोरेमोन फ्रैंचाइज़ी की पहली फिल्म है जिसे भारत में इतने बड़े स्तर पर (पैन-इंडिया) सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जा रहा है।

यादों का उत्सव और शानदार तैयारियां

इस रिलीज़ को लेकर सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि पर्दे के बाहर भी जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं। इसे भारत में एक बड़े जश्न की तरह मनाया जा रहा है। ‘ब्लैक व्हाइट ऑरेंज’ एजेंसी ने स्कूलों, मॉल्स और डिजिटल मीडिया पर कई शानदार कैंपेन प्लान किए हैं, ताकि डोरेमोन का जादू हर तरफ छा जाए।

अगर आप सोच रहे हैं कि यह फिल्म सिर्फ आज के बच्चों के लिए है, तो ठहरिए! यह फिल्म उन सभी के लिए एक तोहफा है, जिनकी शामें ‘एनीव्हेयर डोर’ और ‘बैम्बू कॉप्टर’ की कहानियों के बिना अधूरी थीं। यह मौका है अपनी पुरानी यादों को ताज़ा करने का और नई पीढ़ी को अपने बचपन के हीरो से मिलाने का।

तो दोस्तों, इस 2 अक्टूबर को अपने बचपन के दोस्तों, अपने परिवार और अपने बच्चों के साथ तैयार रहिए। पॉपकॉर्न का इंतज़ाम रखिए और एक बार फिर से आवाज़ लगाइए—*”मैं किसी का सपना हूँ जो आज बन चुका हूँ सच…!”

सिनेमाघरों में मिलते हैं!