‘शिव: द आदियोगी’ पर बन रही है एनिमेटेड फिल्म, ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ के स्टूडियो की बड़ी पेशकश

भारतीय पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक परंपराओं को एनीमेशन के जरिए दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश अब एक और बड़े पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है। ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ जैसी चर्चित एनिमेटेड सीरीज बनाने वाला ग्राफिक इंडिया अब भगवान शिव के आदियोगी स्वरूप पर आधारित एक भव्य एनिमेटेड फीचर फिल्म विकसित कर रहा है। फिल्म का नाम ‘शिव: द आदियोगी’ रखा गया है।

इस प्रोजेक्ट के लिए ग्राफिक इंडिया ने योगी और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु के साथ साझेदारी की है। फिल्म का केंद्र शिव का वह स्वरूप है, जिन्हें योग परंपरा में आदियोगी यानी प्रथम योगी के रूप में देखा जाता है।

जब एनीमेशन में दिखेगी शिव की कहानी

‘शिव: द आदियोगी’ केवल एक पौराणिक चरित्र की कहानी भर नहीं होगी, बल्कि शिव से जुड़ी योग और आध्यात्मिक परंपरा को सिनेमाई अंदाज में पेश करने की कोशिश होगी। फिल्म का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान और परंपराओं को आधुनिक एनीमेशन के माध्यम से भारत के साथ-साथ वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है।

यानी कहानी में एक तरफ हिमालय, कैलाश और शिव का विराट रूप देखने को मिलेगा, तो दूसरी तरफ योग, ध्यान और आत्मबोध जैसे विषय भी कहानी का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

‘हनुमान’ के बाद अब महादेव की बारी!

ग्राफिक इंडिया के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि स्टूडियो पहले ही ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक एनिमेशन की भाषा में लोकप्रिय बना चुका है। अब शिव जैसे विशाल और बहुआयामी चरित्र को बड़े पर्दे के लिए तैयार करना स्टूडियो के लिए एक और महत्वाकांक्षी कदम माना जा रहा है।

और सच कहें तो शिव की कहानी को एनीमेशन में उतारना किसी छोटी चुनौती से कम नहीं। शिव सिर्फ एक देवता के रूप में नहीं, बल्कि योगी, तपस्वी, गृहस्थ, नटराज और संहार के प्रतीक जैसे अनेक रूपों में भारतीय परंपरा में दिखाई देते हैं।

सात ऋषियों तक पहुंचेगा ज्ञान का सफर

फिल्म से जुड़ी शुरुआती जानकारी के अनुसार कहानी सृष्टि से पहले के काल से लेकर कैलाश की ऊंचाइयों और फिर कांति सरोवर तक की यात्रा को छू सकती है। कथा में उस प्रसंग को भी प्रमुखता मिल सकती है, जहां शिव सात ऋषियोंयानी सप्तऋषियों को योग के ज्ञान और मुक्ति की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं।

यही पहलू फिल्म को सामान्य पौराणिक कहानी से अलग बना सकता है। यहां युद्ध और रोमांच के साथ-साथ दर्शन, चेतना और मानव जीवन के गहरे सवाल भी कहानी का हिस्सा बनने की संभावना है।

भारतीय एनीमेशन के लिए बड़ा कदम

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एनीमेशन में पौराणिक और सांस्कृतिक कहानियों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। ‘शिव: द आदियोगी’ इसी बदलते माहौल में एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के रूप में सामने आया है।

फिलहाल फिल्म की रिलीज तारीख और विस्तृत कलाकारों से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन एक बात तय है—अगर ग्राफिक इंडिया शिव की विराटता, रहस्य और आध्यात्मिक गहराई को शानदार एनीमेशन के साथ पर्दे पर उतारने में कामयाब होता है, तो यह भारतीय एनीमेशन के लिए एक यादगार सिनेमाई अनुभव बन सकता है।

महादेव की कहानी जब एनीमेशन के पर्दे पर उतरेगी, तो ‘हर हर महादेव’ की गूंज सिनेमाघरों में सुनाई देना तय है!